Category: Religion

नवरात्रि 2025: नौ देवियों की आराधना और महत्व

Navratri 2025 का शुभ पर्व आने वाला है, जो शक्ति की उपासना का महान उत्सव है। इसे Durga Navratri या Shardiya Navratri भी कहा जाता है। यह पर्व नौ दिनों और नौ रातों तक चलता है, जिसमें भक्तजन माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं। इस दौरान गरबा, डांडिया, उपवास और भक्ति का […]

जल समाधि: संतों को क्यों दी जाती है जल समाधि?

जब कोई महान संत इस नश्वर संसार को त्यागता है, तो उनका अंतिम संस्कार भी उतना ही विशिष्ट और आध्यात्मिक होता है जितना उनका संपूर्ण जीवन। हाल ही में, अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास को जल समाधि दी गई, जिससे यह प्राचीन परंपरा एक बार फिर चर्चा में आ गई। […]

“एक थाली, एक थैला” अभियान: महाकुंभ 2025 की हरित क्रांति

महाकुंभ 2025 में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए “एक थाली, एक थैला” अभियान को सफलतापूर्वक लागू किया गया। इस पहल ने न केवल 29,000 टन कचरा कम किया बल्कि ₹140 करोड़ की बचत भी सुनिश्चित की। अभियान की आवश्यकता क्यों पड़ी? महाकुंभ में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु आते हैं और भंडारों में […]

संत रविदास: भक्ति और समरसता के प्रतीक

संत रविदास, जिन्हें संत रोहिदास के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय भक्ति आंदोलन के एक महान संत, कवि और समाज सुधारक थे। उनका जीवन और शिक्षाएं आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं। उन्होंने जाति व्यवस्था, सामाजिक असमानता और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया और अपने भजनों के माध्यम से […]

पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद जी: एक संक्षिप्त परिचय

प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतज़ार करते हुए, यह हैं पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद जी। आइए, उनकी अद्भुत विद्वत्ता और योगदान के बारे में जानें। वैज्ञानिक एवं गणितीय योगदान पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का जीवन एक रहस्य और प्रेरणा से भरा हुआ है। बिहार के मधुबनी जिले के एक छोटे से […]

तिलक: आध्यात्मिकता और विज्ञान का संगम

हिंदू धर्म में तिलक का विशेष महत्व है, जो न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है बल्कि इसके पीछे कई वैज्ञानिक लाभ भी छिपे हैं। माथे पर तिलक लगाने की यह परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है और हर धर्म और संप्रदाय में इसका अपना अनूठा महत्व है। तिलक न केवल ईश्वर के […]

रावण क्यों सीता माता को नुकसान नहीं पहुँचा सका?

रामायण की महागाथा में रावण एक अत्यंत शक्तिशाली और जटिल चरित्र के रूप में सामने आता है। वह लंका का अद्वितीय राजा था, जिसने अपने बल, बुद्धिमत्ता और तत्वों पर अधिकार जमा लिया था। लेकिन जब उसने माता सीता का अपहरण किया, तब भी उसने उन पर जबरन अत्याचार नहीं किया। यह प्रश्न उठता है: […]

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